नागपुर (महाराष्ट्र) गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ नागपुर ने उमरेठ तालुका के एक छोटे-से गाँव में व्यसनमुक्ति शिविर लगाया, जहाँ देश की दुर्दशा के साफ दर्शन होते थे । मात्र १ से ७ तक की कक्षाओं वाले इस विद्यालय में ४८ बच्चे तरह-तरह के व्यसनों से ग्रसित थे, यहाँ तक कि पहली कक्षा के बच्चे भी । गायत्री परिवार के युवकों ने उनको हर तरह से समझाकर किसी तरह का व्यसन न करने के संकल्प कराये । इसी विद्यालय के शिक्षक अभय बुधे का प्रशंसनीय सहयोग मिला, जिन्होंने बच्चों को व्यसन मुक्त करने के लिए होम्योपैथिक औषधियाँ देने, अभिभावकों से संपर्क करने जैसे कार्यों के लिए तत्परता दिखाई । युवा प्रकोष्ठ के श्री निलेश अग्रवाल के अनुसार छोटे बच्चों की इन अनचाही प्रवृत्तियों ने यह साफ कर दिया है कि देश की दुर्दशा दूर करने के लिए क्या कुछ किया जाना अभी शेष है । |