लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
उत्तर प्रदेश का प्रथम प्रांतीय युवा चेतना शिविर राजधानी लखनऊ के विशालखण्ड, गोमतीनगर स्थित सिटी मॉण्टेसरी स्कूल के मुक्ताकाशी परिसर में दिनांक २१-२२ दिसम्बर की तारीखों में युग निर्माणी संकल्पों को पूरा करने की उदात्त भावनाओं के साथ सम्पन्न हुआ । इस शिविर में उपस्थित ४० जिलों के हजारों सृजनशील युवाओं के उल्लास को शब्द देते हुए आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी ने कहा, ''यह युग परिवर्तन की ब्रह्मवेला है । काल के क्षितिज पर उभरी नवनिर्माण की लालिमा से सभी आरक्त हैं । विचार क्रांति के रूप में विभूतिवानों के सृजन कलरव की अलख गूँज उठी है । राष्ट्र जागा है, युवा जागा है । युग निर्माण की प्रभाती के उजास से छलकता उल्लास यह सिद्ध कर रहा है कि युग निर्माण होगा ही ।''
इस सम्मेलन में प्रान्त के ७० में से ४० जिलों के युवा स्वयंसेवकों ने भाग लिया । शांतिकुंज के वरिष्ठ और विशेषज्ञ प्रतिनिधि सर्वश्री कालीचरण शर्मा, वीरेन्द्र तिवारी, आनंद मिश्रा, डी.पी. सिंह आदि के प्रेरणादायी उद्बोधनों ने उन्हें नयी स्फूत व जोश से भर दिया । उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री बी.एल. जोशी, महापौर प्रोफेसर दिनेश शर्मा, युवा कल्याण मन्त्रालय, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी एवं नेहरू युवा केन्द्र संगठन के राष्ट्रीय निदेशक डॉ. चन्द्र शेखर प्राण, पूर्व महापौर डॉ. सतीश चन्द्र राय सहित कई नामचीन हस्तियाँ शिविर के दौरान आयोजित प्रबुद्ध वर्ग गोष्ठी में पधारीं।
श्रद्धेय डॉ. साहब ने कहा कि यहाँ आकर दृढ़ संकल्पों व उत्साह-उल्लास से भरे युवाओं की योजनाबद्ध रणनीति को निकट से देखकर मेरा अभिमत है कि बीते वर्षों में हमारे आध्यात्मिक माता-पिता ने दूर-दराज के क्षेत्रों में अनेक किशोरों-युवाओं को भावी दायित्वों के लिए गढ़ा है और उन्हें खूब पोषण प्रदान किया है । यह युवा शक्ति कुछ खास करके दिखाएगी । उन्होंने उत्तर प्रदेश के गायत्री परिजनों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध सत्याग्रह व मिशनरी ढंग से उसका विरोध करने, नशा उन्मूलन, खर्चीली शादियों का विरोध व पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रमों पर काम करने का आह्वान किया
उत्तर प्रदेश की युवाशक्ति ने आदरणीय डॉ. साहब के प्रति गहन प्रेम और आस्था का परिचय दिया । जब इस प्रेमभाव से विभोर आदरणीय डॉ. साहब ने कहा कि वे अभी २० वर्षों तक मिशन की सक्रिय सेवा करते हुए लेखन करते या बोलते हुए वीरोचित परमगति के इच्छुक हैं, तब अपने आदर्श के समक्ष अनेक कार्यकर्त्ताओं की आँखें भर आयीं ।
विभिन्न गोष्ठियों में श्री के. के. विनोद, श्री राधेकृष्ण दूबे, श्री योगेन्द्र गिरि, श्री डी. पी. सिंह, जर्मन प्रोफेसर डॉ. उलरिच वर्क, डॉ. आर. के. पाठक, श्री कैलाश तिवारी, श्री परमेश्वर साहू, श्री राम महेश मिश्र, श्री आनन्द मिश्र, श्री ओईन्द्र सिंह एवं श्री अनिल श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किए ।
लखनऊ की विभिन्न शाखाओं के संगठित प्रयास सराहनीय थे । गोमतीनगर शक्तिपीठ ने जहाँ कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई, वहीं दुगावाँ शक्तिपीठ, गायत्री ज्ञान मन्दिर इन्दिरानगर, सजल श्रद्धा आरोग्य धाम के अलावा राजाजीपुरम् व आलमबाग की शाखाओं और कुर्सी रोड स्थित शक्तिपीठ के परिजनों ने उत्कृष्ट योगदान दिया । बरेली निवासी बालकराम द्वारा बनाया गया देवमंच आकर्षण का केन्द्र रहा ।
सीएमएस में
सीएमएस स्कूल में कार्यक्रम हुआ । इसकी ११ शाखाओं में लगभग ४०००० बच्चे पढ़ते हैं । इसके संस्थापक श्री जगदीश गाँधी ने देसंविवि की योग विज्ञान जैसी सेवाओं के साथ जुड़ने की इच्छा आदरणीय डॉ. साहब से व्यक्त की, भविष्य में सहयोग की संभावनाएँ बनीं ।
युवा प्रकोष्ठ का प्रान्तीय कार्यालय
युवा चेतना शिविर से आई जागरूकता ने मूर्त रूप लेना शुरू कर दिया है । शिविर समापन के अगले ही दिन महानगर में सी.आई.डी. कालोनी मर्ाकेट स्थित भवन सं. ई-७/ई-८ में गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के प्रान्तीय कार्यालय के लिए इन्दिरानगर निवासी श्री शीतल प्रसाद गुप्ता ने स्थान उपलब्ध कराया । पी.ए.सी. मुख्यालय के ठीक सामने स्थित यह छोटा-सा भवन लखनऊ के सभी रेलवे व बस स्टेशनों के सम्पर्क मार्गों से सीधे जुड़ा हुआ है और यह राजधानी के वीवीआईपी क्षेत्र में स्थित है । शीघ्र ही यह नया कार्यालय शुरू हो रहा है ।
सृजनशील युवा
किशोरावस्था से युवावस्था में प्रवेश कर रहे बच्चों के आदर्श प्रयासों ने उत्साहित किया । मऊ जिले से आए सभी १६ युवक स्वयं नशा करते थे, अब नशामुक्त होकर अपने गाँव रारपुर को नशा मुक्त करने के अभियान में जुट गए हैं । कुछ और युवाओं ने भी ऐसे ही सृजनात्मक कार्यों की जानकारी दी ।
उपजोन लखनऊ में स्थानांतरित
अब तक बाराबंकी में काम कर रहे शान्तिकुंज उपजोन को लखनऊ स्थित 'सजल श्रद्धा आरोग्य धाम' पर स्थानांतरित करने की घोषणा आदरणीय डॉ. साहब ने की । यह केन्द्र 'साधना एवं स्वास्थ्य' सम्बन्धी गतिविधियों पर बड़ी गहराई से काम कर रहा है । इसका नगर कार्यालय दुगावाँ स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर स्थापित होगा ।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और योग
देव संस्कृति विवि के विद्यार्थियों-सर्वश्री धर्मवीर भारती, नेहा सिंह, नेहा मिश्रा, अपूर्व, आदित्य, प्रशान्त मिश्र, कविता, नीतू श्रीवास्तव, दीपिका वर्मा, बबिता मौर्य, शिवानी, जया गुप्ता, रीना एवं निवेदिता राय द्वारा मंचित 'गंगा बहती हो क्यों', 'मेरा है बैल बिकने वाला', नशा उन्मूलन लोगों को बहुत भाए । कपिल केसरी एवं नवीन पाण्डेय के योगासनों को देखकर लखनऊवासियों ने इनकी तुलना देश-विश्व के ख्याति प्राप्त योगाचायों से की । सुश्री नेहा सिंह ने 'स्ट्रेस मैनेजमेन्ट' पर सराहनीय प्रजेन्टेशन दिया । आद. डॉ. साहब ने विद्यार्थियों को पुरस्कार दिये ।
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