शांतिकुंज सहर्ष मना ज्ञान और प्रेम का ...
युगसृजेता-शूरमाओं के अंतस् को छू गया ऋ...
पूर्वोत्तर के विद्यार्थियों ने सीखा ...
विश्वम् पुष्टम् ग्रामे अस्मिन् अनात...
केशरिया उमंगों ने खिलाये तिरंगे के रं...
आदर्श टिहरी ग्राम को मिला शांतिकुंज क...
उपजोन खरगोन में निकलेंगी ...

1 sep 2010
खरगोन (मध्य प्रदेश)
गायत्री शक्तिपीठ खरगोन में १८ जुलाई को उपजोन के वरिष्ठ कायर्कत्ताओं की गोष्ठी हुई । इसमें खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, आलीराजपुर, खण्डवा एवं बुरहानपुर के लगभग ३०० परिजनों ने भाग लिया । इसे संबोधित करते हुए डॉ. शंकरलाल पाटीदार ने भोपाल से आरंभ हो रही जन्म...

घर-घर स्टिकर, बलिवैश्व; विद्यालयों में साहित्य वितरण
रक्तदान शिविर, चिकित्सा शिविर, सेवा का सम्मान
उपजोन खरगोन में निकलेंगी जन्म शताब्दी तीर्थ यात्राएँ
५ लाख मंत्रलेखन पुस्तिकाओं का वितरण
शांतिकुंज के निकट जन्म शताब्दी की हलचल
पुस्तक मेले - हिमालय की गोद में फैली सद्विचारों की सुगंध
मातृभूमि की सेवा में तत्पर साधिका
गुरुवर के प्यार की पावन स्मृति और जन्म शताब्दी की पुलकन के संग मना
मुख्यमंत्री की युगनिर्माणी आस्था
जोरों पर है स्टीकर अभियान
विचार-परिवर्तन
अध्यात्म का प्रवेश द्वार-प्रेम का प्रतिदान
सूर्य-साधना पर निर्भर है हम सबका भविष्य
चीन में पहुँचा गुरुवर का संदेश
तत्वदर्शी बुद्धिमानों की दृष्टि में
सवर्श्रेष्ठ है आत्मबल
भावनाशील बनें और व्यवहार कुशल भी
बच्चे आपके सच्चे मित्र
ऐसे करें अपने बच्चों का विकास
सेवाधर्म एक सरल और व्यावहारिक योग साधना
मुख्यमंत्री की युगनिर्माणी आस्था
22-1-2010
रायपुर (छत्तीसगढ़)
प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री रमन सिंह के आवास पर पाँच कुण्डीय यज्ञ आयोजित हुआ। राजनांदगाँव की बहिनों ने इसका संचालन करते हुए राज्य की खुशहाली के लिए यज्ञ भगवान को विशेष आहुतियाँ समर्पित करायीं । इस महायज्ञ में मुख्यमंत्री के बड़े भाई श्री अशोक सिंह, श्रीमती रेणु सिंह, उनके पुत्र श्री अभिषेक, बड़ी बहिन श्रीमती इला कलचुरी; गायत्री परिवार के वरिष्ठ प्रतिनिधि डॉ. अरुण मढ़रिया, श्रीमती संध्या मढ़रिया, श्री हरीश चंद्राकर आदि अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

इस यज्ञ में मुख्यमंत्री जी ने राज्य के विकास का संकल्प दोहराते हुए अपनी सनातन संस्कृति पर गहरी आस्था व्यक्त की । उन्होंने परम पूज्य गुरुदेव की शिक्षाओं तथा गायत्री परिवार की सक्रियता को महत्त्वपूर्ण बताया और कहा कि व्यक्ति के विचार जब तक नहीं बदलते, तब तक सुधार के प्रयास प्रभावी नहीं हो सकते । इस यज्ञ का आयोजन गायत्री विद्यापीठ के सचिव श्री हरीश गाँधी के विशेष प्रयासों से हुआ था ।
Last Update : 2010-09-06 08:20:11