शांतिकुंज सहर्ष मना ज्ञान और प्रेम का ...
युगसृजेता-शूरमाओं के अंतस् को छू गया ऋ...
पूर्वोत्तर के विद्यार्थियों ने सीखा ...
विश्वम् पुष्टम् ग्रामे अस्मिन् अनात...
केशरिया उमंगों ने खिलाये तिरंगे के रं...
आदर्श टिहरी ग्राम को मिला शांतिकुंज क...
उपजोन खरगोन में निकलेंगी ...

1 sep 2010
खरगोन (मध्य प्रदेश)
गायत्री शक्तिपीठ खरगोन में १८ जुलाई को उपजोन के वरिष्ठ कायर्कत्ताओं की गोष्ठी हुई । इसमें खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, आलीराजपुर, खण्डवा एवं बुरहानपुर के लगभग ३०० परिजनों ने भाग लिया । इसे संबोधित करते हुए डॉ. शंकरलाल पाटीदार ने भोपाल से आरंभ हो रही जन्म...

मृतक भोज देने से किया परहेज
देव संस्कृति विश्वविद्यालय मे आयोजित हुए विभिन्न कार्यक्रम
पीड़ा निवारण के लिए समर्पित सेवा-सहयोग की आहुतियाँ
मध्य प्रदेश स्थापना सप्ताह में निकाली रैलियाँ
नशे के चंगुल में हैं नन्हीं कलियाँ
युग चेतना के प्रवाह की दिव्य अनुभति
व्यसनमुक्ति आन्दोलन के प्रगतिशील चरण
बच्चों ने निकाली व्यसनमुक्ति रैली
मद्य निषेध दिवस - पुलिस कर्मियों को प्रेरणा
अपने साथियों को व्यसनमुक्त कर रहे हैं
थर्मल पावर स्टेशन पर
दिनभर चला स्टीकर अभियान
वैवाहिक कुरीतियों को रोकने के लिए महापंचायत का कड़ा फैसला
भावी पीढ़ी का पथ-प्रदर्शन
उत्साह दर्शाया ।
बंदियों को लगी जीवन साधना की लगन
न्यायमूर्ति की प्रेरणा से शिक्षक नहीं करेंगे व्यसन
दहेज एवं भू्रणहत्या पर प्रबुद्ध बहिनों द्वारा विचार मंथन
नशामुक्ति आन्दोलन का प्रशिक्षण पाते नवयुवक
प्रगतिशील मरणोत्तर संस्कारों की चल पड़ी परम्परा
युग चेतना के प्रवाह की दिव्य अनुभति
21-1-2010
दूधखेड़ा, बडवानी (म. प्रदेश)
ग्राम दूधखेड़ा, तहसील सेंधवा में दीपयज्ञ होना था । रिमझिम बारिश चल रही थी । आशा थी कि कम ही लोग आयेंगे, दीपयज्ञ जल्दी ही समाप्त कर देंगे ।
उधर महाकाल की इच्छा कुछ और ही थी । आदिवासी गीत-वारला कामो माँ उजगाई नी करनों.....गीत के साथ यज्ञ आरंभ हुआ । देखते ही देखते जन प्रवाह उमड़ पड़ा, बैठने को कहीं जगह ही नहीं थी । इस अवसर पर श्री डेमनिया भाई के साथी श्री मांगीलाल जी ने व्यसनों के राक्षसी प्रभाव की चर्चा की । उसके बाद ग्यारह जोड़ों सहित कुल ३८ भाई-बहिनों ने तमाम व्यसन और मांसाहार त्यागने के संकल्प लेकर यज्ञोपवीत संस्कार कराये । युगशक्ति का दिव्य प्रवाह देखते ही बनता था, जिसकी कल्पना वहाँ किसी को न थी । यज्ञ का संचालन श्री माँगीलाल डाबर, श्री अनुप जमरे व श्री रमेश भाई की टोली ने किया ।
Last Update : 2010-09-06 08:20:11