दूधखेड़ा, बडवानी (म. प्रदेश)
ग्राम दूधखेड़ा, तहसील सेंधवा में दीपयज्ञ होना था । रिमझिम बारिश चल रही थी । आशा थी कि कम ही लोग आयेंगे, दीपयज्ञ जल्दी ही समाप्त कर देंगे ।
उधर महाकाल की इच्छा कुछ और ही थी । आदिवासी गीत-वारला कामो माँ उजगाई नी करनों.....गीत के साथ यज्ञ आरंभ हुआ । देखते ही देखते जन प्रवाह उमड़ पड़ा, बैठने को कहीं जगह ही नहीं थी । इस अवसर पर श्री डेमनिया भाई के साथी श्री मांगीलाल जी ने व्यसनों के राक्षसी प्रभाव की चर्चा की । उसके बाद ग्यारह जोड़ों सहित कुल ३८ भाई-बहिनों ने तमाम व्यसन और मांसाहार त्यागने के संकल्प लेकर यज्ञोपवीत संस्कार कराये । युगशक्ति का दिव्य प्रवाह देखते ही बनता था, जिसकी कल्पना वहाँ किसी को न थी । यज्ञ का संचालन श्री माँगीलाल डाबर, श्री अनुप जमरे व श्री रमेश भाई की टोली ने किया । |