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| उपजोन खरगोन में निकलेंगी ... |
1 sep 2010
खरगोन (मध्य प्रदेश)
गायत्री शक्तिपीठ खरगोन में १८ जुलाई को उपजोन के वरिष्ठ कायर्कत्ताओं की गोष्ठी हुई । इसमें खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, आलीराजपुर, खण्डवा एवं बुरहानपुर के लगभग ३०० परिजनों ने भाग लिया । इसे संबोधित करते हुए डॉ. शंकरलाल पाटीदार ने भोपाल से आरंभ हो रही जन्म... |
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सम्मानित हुए युगनिर्माता गुरुजन
''किसी राष्ट्र का भविष्य वहाँ के शिक्षकों पर निर्भर है, क्योंकि वही देश का कल गढ़ने वाली पीढ़ी का सृजनकर्त्ता हैं ।''
देव संस्कृति विश्वविद्यालय में ५ सितम्बर को मनाये गये शिक्षक दिवस समारोह में परम पूज्य गुरुदेव के यह विचार विवि के कुलाधिपति आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी ने दोहराये । उन्होंने कहा कि जब से शिक्षकों ने इसे व्यवसाय मान लिया है, तब से इस पद की गरिमा गिरी है । वस्तुतः शिक्षक किसी सरकार का मुँहताज नहीं, वह एक साधक है और देश का भविष्य तय करने वाला है । हर सफल शिक्षक का ध्येय होता है, अपने शिष्य का उत्कर्ष, उसका निर्माण ।
आदरणीय डॉ. साहब ने देसंविवि के शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के संकल्प को अपना ध्येय बनाकर, दुनिया के तमाम भौतिक आकर्षणों को ठुकराकर राष्ट्र के नवनिर्माण में जुटे हैं, आज के दौर में यह अतुलनीय है । कुलपिता पू. गुरुदेव ने अपने व्यक्तित्व की मौन प्रेरणा से करोड़ों जिंदगियों को बदल दिया । अपनी सेवा भावना और अनुकरणीय व्यक्तित्व से उन्हीं आचार्यश्री को समर्पित इस विवि के शिक्षकों ने भी समाज पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है ।
शिक्षकों की तरफ से कुलाधिपति जी का स्वागत करते हुए संकायाध्यक्ष डॉ. ओ.पी. मिश्र ने कहा कि शिक्षा के दो उद्देश्य हैं-
१. विद्यार्थियों में विद्यमान विशिष्ट गुणों का विकास तथा
२. उनमें कुछ ऐसे सामान्य गुणों का विकास, जो उनको बेहतर मनुष्य बना सकें । कुलाधिपति जी द्वारा ली जाने वाली गीता एवं योग की कक्षाएँ शिक्षा के इन्हीं दो उद्देश्यों की पूर्ति की दृष्टि से अति महत्त्वपूर्ण हैं ।
आरंभ में कुलपति डॉ. एस.पी. मिश्र एवं संकायाध्यक्ष प्रो. ओ.पी. मिश्र ने कुलाधिपति जी का सम्मान किया । कुलपति जी ने उन्हें सभी शिक्षकों की ओर से संकल्प पत्र भेंट किया । संकायाध्यक्ष जी ने पू.गुरुदेव की जन्मशती के परिप्रेक्ष्य में विवि के शिक्षकों द्वारा तैयार विजन प्लान-२०११ प्रस्तुत किया । कुलाधिपति जी ने शिक्षकों को युग साहित्य भेंट कर सम्मानित किया । विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए । समाज और विश्वविद्यालय के लिए कुलाधिपति द्वारा अर्जित उपलब्धियों पर आधारित मल्टीमीडिया प्रोण्टेशन समारोह की विशेषता थी ।
गायत्री विद्यापीठ में
गायत्री विद्यापीठ में शिक्षक दिवस समारोह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री त्रिभुवननाथ शर्मा एवं श्रीमती शेफाली पण्ड्या के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ । बच्चों ने अपने गुरुजनों के सम्मान में फैंसी ड्रेस धारण किये, गीत और भाषणों से अपने भाव व्यक्त किए । प्रभारी प्रधानाचार्य श्री विनय शर्मा ने गुरु की गरिमा बताते हुए बच्चों को महानता के पथ पर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया । |
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